विश्व प्रसिद्ध जागेश्वर श्रावणी मेले का रंगारंग कार्यक्रमों के साथ आगाज

अल्मोड़ा। विश्व प्रसिद्ध जागेश्वर में एक माह तक लगने वाले श्रावणी मेले का रंगारंग कार्यक्रमों के साथ आगाज हो गया है। बुधवार को वि​धि विधान के साथ मेले का शुभांरभ हुआ। पहले दिन सैकड़ों श्रद्धालुओं ने जागेश्वर पहुंचकर भोलेनाथ का दर्शन कर आशीर्वाद मांगा।


उद्घाटन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा, सहकारिता व दुग्ध विकास मंत्री डॉ धन सिंह रावत व विधानसभा उपाध्यक्ष ​रघुनाथ सिंह चौहान,क्षेत्रीय विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल ने संयुक्त रूप से श्रावणी मेले का उदघाटन किया। इससे पहले स्थानीय स्कूलों की छात्राओं ने कलश य़ात्रा निकाली। मेले के शुभारंभ के बाद उच्च शि​क्षा मंत्री डॉ रावत ने मंदिर समूहों की परिक्रमा की। इसके बाद ज्योतिर्लिंग मंदिर में स्थानीय पुजारियों द्वारा विधिविधान के साथ पूजा अर्चना कराई गई। कैबिनेट मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ विलुप्त हो रही संस्कृति के संरक्षण के लिए हमे मेलों के आयोजनों पर प्राथमिकता देनी होगी। जागेश्वर मन्दिर समूह बाहरी पर्यटकों को अपनी और आकर्षित करता है।

कार्यक्रम को संबोधित करते कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत

डॉ रावत ने कहा कि जागेश्वर धाम केन्द्र सरकार की पर्यटन सूची में 12वें ज्योर्तिलिंग के रूप में शामिल नहीं है इसके लिए वह स्वयं अभिलेखों के तथ्य प्रस्तुत कर केन्द्रीय पर्यटन मंत्री से मिलकर इसे उस सूची में सम्मलित करने का प्रयास करेंगे। जिसके बाद स्वयं ही इस धाम को पाचवें धाम के रूप में मान्यता मिल जायेगी और इसके विकास के लिए बजट भी उपलब्ध हो जायेगा। श्री रावत ने मन्दिर परिसर से लगी जीर्ण-शीर्ण धर्मशाला के पुर्ननिर्माण के लिये पुरातत्व विभाग के अधिकारियों के साथ वार्ता कर उसका हल निकालने का आश्वासन दिया। विशिष्ट अतिथि विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान ने कहा कि सरकार मेले व त्योहारों को बढ़ावा देने के लिए अनेक अभिनव प्रयोग कर रही है जिससे आने वाली पीढ़ी को इनके बारे में जानकारी मिल सके। विधायक गोविन्द सिंह कुंजवाल ने कहा कि हम सभी को अपनी संस्कृति को बचाये रखने के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे। उन्होंने क्षेत्र की अनेक समस्याओं से मंत्री को अवगत कराया। डीएम नितिन सिंह भदौरियां ने कहा कि मेले को और भव्यता प्रदान करने के प्रयास किये जायेंगे। साथ ही स्थानीय उत्पादों को भी यहा पर बेचने हेतु रखा जायेगा। इस अवसर पर द्वाराहाट के विधायक महेश नेगी, ब्लॉक प्रमुख धौलादेवी पीताम्बर पाण्डे, जिलाध्यक्ष गोविन्द सिंह पिलख्वाल, भाजपा नेता सुभाष पाण्डे ने भी अपने विचार रखे इस अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक दलों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये गये।

सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करते कलाकार

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कार्यक्रम का संचालन विभु कृष्णा ने किया। इस मौके पर डीसीबी अध्यक्ष ललित लटवाल, रमेश बहुगुणा, भाजपा महामंत्री रवि रौतेला, मन्दिर समिति अध्यक्ष भगवान भटट, उपाध्यक्ष गोविन्द गोपाल, हरिमोहन भटट, गिरीश भटट, प्रशिक्षु आईएएस विशाल मिश्रा, डीएफओ सिविल सोयम केएस रावत, मेला अधिकारी व एसडीएम मोनिका, पुलिस उपाधीक्षक कमल राम आर्या, कनिष्ठ ब्लाक प्रमुख प्रकाश भट्ट, पूर्व प्रबंधक प्रकाश भट्ट, हरीश प्रसाद, हरीश नाथ, गौरव पाण्डे सहित अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित थे।

लोगों ने समस्याएं रखी तो मंत्री जी ने रख दी शर्त

ल्मोड़ा। उच्च शिक्षा व सहकारिता मंत्री डॉ धन सिंह रावत के मेले कार्यक्रम में पहुंचने की भनक लगते ही क्षेत्र के लोग अपनी समस्याओं को लेकर जागेश्वर कार्यक्रम स्थल पहुंचे। नैनी के लोगों ने क्षेत्र में एक सहकारी बैंक की शाखा खोलने की मांग रखी तो डॉ धन सिंह रावत ने दो हजार खाते की सूची डीसीबी अध्यक्ष के पास जमा कराने की शर्त रख दी। उन्होंने कहा कि जिस दिन दो हजार लोगों की सूची उनके पास पहुंचेगी तो वह एक सप्ताह के भीतर बैंक खोलने की स्वीकृति दे देंगे। राज्य मंत्री डॉ रावत ने दन्या में डिग्री कॉलेज की मांग पर भी कुछ ऐसी ही शर्त रख दी। 3​00 छात्र—छात्राओं के नामों की सूची दिए जाने की बात कही। इससे स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी देखने को मिली।

धार्मिक कार्यक्रम में भी लिहाज भूले राजनेता

अल्मोड़ा। चाहे कार्यक्रम कैसा भी हो अगर राजनेता आयेगे तो राजनीति ना हो तो कैसे चल सकता है। कुछ ऐसा ही नजारा श्रावणी मेले के उदघाटन के मौके पर दिखाई दिया।एक माह तक चलने वाले जागेश्वर श्रावणी मेले के उदघाटन के मौके पर भी भी नेता जमकर राजनीति करते नजर आये। ​​कार्यक्रम के दौरान कई बार अल्मोड़ा में नेताओं की आपसी अनबन भी हुई। और तो और जब किसी ने बताया कि लाउडस्पीकर की आवाजे लोगों तक पहुंच रही है तो नेता फिर चुप हो गये। किसी ने मंच नहीं मिलने पर तो किसी ने संबोधन नहीं कराने पर नाराजगी व्यक्त की। आलम यह था कि ​अधिकारी भी नेताओं के सामने मंदिर से जुड़ी समस्याओं को रखने के बजाय नेताओं की तारीफों की पुल बांधते नजर आये। स्थानीय लोगों ने किसी भी स्थानीय को बोलने का मौका नही दिये जाने पर दबे स्वर में अपनी नाराजगी जताई।

परिसरों व महाविद्यालयों में प्राध्यापकों व पुस्तकों की कमी नहीं : रावत

( जागेश्वर ) अल्मोड़ा। पिथौरागढ़ में पिछले एक माह से चल रहे शिक्षक—पुस्तक आंदोलन को लेकर उच्च शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि किसी भी परिसर व डिग्री कॉलेज में प्राध्यापकों व पुस्तकों की कमी नहीं है। अगर छात्र फिर भी आंदोलन कर रहे है तो उनकी मांगों को पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।