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Almora- पंचायतों को कमजोर करने का प्रयास कर रही सरकार: पांडेय
 
अल्मोड़ा, 16 जुलाई 2021

कांग्रेस के जिलाध्यक्ष पीताम्बर पांडेय ने कहा कि भाजपा सरकार पंचायतों को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधान जनता द्वारा चुना गया प्रतिनिधि होता है और इस कोरोना काल में ग्राम प्रधानों ने अपनी जान की फिक्र ना करते हुए अभूतपूर्व कार्य किये गये हैं, लेकिन प्रदेश की भाजपा सरकार लगातार ग्राम प्रधानों की अनदेखी कर रही है जो बर्दाश्त योग्य नहीं है।


प्रेस को जारी एक बयान में पांडेय ने कहा कि ग्राम प्रधानों की सभी मांगें जायज हैं जिन्हें प्रदेश सरकार ने स्वीकार कर लेना चाहिए। कांंग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) को 2500 प्रतिमाह प्रत्येक ग्राम पंचायत से दिए जाने का आदेश शीघ्र वापस लिया जाय। उन्होंने कहा कि वे ग्राम प्रधान संगठन का पुरजोर समर्थन करते हैं तथा सरकार से मांग करते हैं कि इन मांगों पर शीघ्र स्वीकृति प्रदान करें।


उन्होंने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत स्वयं अपने काम करने में सक्षम है। 15वें वित्त में हो रही भारी कटौती पर शीघ्र रोक लगाई जाए तथा पूर्व की भांति 15वें वित्त में कंटींजेसी की राशि 10% रखी जाए। 73वें संविधान संशोधन के प्रावधानों को लागू करते हुए 29 विषयों को शीघ्र ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जाए। ग्राम प्रधानों का मानदेय बढ़ाया जाय। 

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पांडेय ने कहा कि मनरेगा के कार्य दिवस प्रति परिवार 100 दिन से बढ़ाकर 200 दिन प्रतिवर्ष किया जाय। कोविड महामारी से पंचायतों में बेरोजगारी बढ़ चुकी है, जिससे उन्हें रोजगार दिया जा सके। ग्राम पंचायतों में पंचायतों के जेई एवं कंप्यूटर ऑपरेटर की नियुक्ति शीघ्र की जाय। जिससे ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्यों में गति प्राप्त हो। जिससे कम से कम ग्राम पंचायतें एक ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी को मिल सके। 


उन्होंने कहा कि विधायक निधि, सांसद निधि को आधार मानते हुए, ग्राम पंचायतों को भी 5 लाख रुपये प्रतिवर्ष ग्राम पंचायत निधि की व्यवस्था की जाय। जिसे ग्राम पंचायत अपने स्तर से विकास कार्यों में खर्च कर सके। ग्राम पंचायत को आपदा मद से प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये की धनराशि दी जाय। 


जिससे कि ग्राम पंचायतों में दैवीय आपदा से हुए सरकारी संपत्ति व ग्रामीणों को व्यक्तिगत हुए नुकसान के लिए आर्थिक सहायता व निर्माण कार्य हो सके। ग्राम पंचायत में किसी भी विभाग द्वारा किए जाने वाले विकास कार्य एवं अन्य कार्य में ग्राम पंचायत की खुली बैठक का प्रस्ताव एवं अनुमति को अनिवार्य किया जाये। जिससे कि विवाद उत्पन्न ना हो।


प्रधानमंत्री आवास योजना में तहत चयनित ग्राम पंचायतों के लाभार्थियों को अतिशीघ्र धनराशि दी जाय तथा फरवरी 2019 के बाद बंद हुई आवासों की ऑनलाइन प्रक्रिया दोबारा शुरू की जाय, ताकि अन्य पात्र व्यक्तियों को भी इस योजना का लाभ मिल सके।


कांंग्रेस जिलाध्यक्ष पांडेय ने कहा कि ग्राम प्रधान अपनी मांगों को लेकर कई दिनों से आन्दोलनरत हैं लेकिन भाजपा सरकार, मुख्यमंत्री, भाजपा सांसद एवं भाजपा विधायक ग्राम प्रधानों की अनदेखी कर मौन धारण किए हुए हैं।

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