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क्षेत्रीय विकास के लिए मिलकर कार्य करेंगे पर्यावरण संस्थान कटारमल और लद्दाख विश्वविद्यालय,संस्थानों के बीच हुआ एमओयू
 गोविंद बल्लभ पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान कोसी कटारमल और लद्दाख विश्वविद्यालय अब एक साथ क्षेत्रीय विकास के लिए एक साथ दीर्घकालीन शोध करेंगे। 
 
 

क्षेत्रीय विकास के लिए मिलकर कार्य करेंगे पर्यावरण संस्थान कटारमल और लद्दाख विश्वविद्यालय,दोनों संस्थानों के बीच हुआ एमओयू

अल्मोड़ा,16 जुलाई 2021—  गोविंद बल्लभ पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान कोसी कटारमल और लद्दाख विश्वविद्यालय अब एक साथ क्षेत्रीय विकास के लिए एक साथ दीर्घकालीन शोध करेंगे। इस बावत जीबी पंत संस्थान और  लद्दाख विश्वविद्यालय के बीच महत्वपूर्ण करार साझा किया गया है। 
 लद्दाख क्षेत्र में दीर्घकालिक शोध अनुसंधान के लिए दोनों संस्थानों ने बीते 13 जुलाई को एक करार पर हस्ताक्षर किए हैं। संस्थान के प्रभारी निदेशक इं किरीट कुमार ने बताया कि बीते दिनों वर्चुअल माध्यम से वे स्वयं इस करार में सम्मलित हुए। इस कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के कुलपति सी.फुनसाग सेवानिवृत्त आईएएस और संस्थान के निदेशक इं0 किरीट कुमार ने इस अनुसंधान करार पत्र पर हस्ताक्षर किए। संस्थान की ओर से लद्दाख केंद्र प्रमुख डाॅ सुब्रत शर्मा, विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार इम्तियाज काचो, आदि ने इस अवसर पर मौजूद थे। 

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इस मौके पर विश्वविद्यालय के कुलपति श्री फुनसोग ने इस करार को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया और कहा कि, समानधर्मी और समान शोध वाले संस्थानों को इस प्रकार वृहद स्तर पर एकजुट होकर अनुसंधान करने की आवश्यकता है। इस प्रकार रणनीतिक साझेदारों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और वे मिलकर एकीकृत और बौद्धिक और वैज्ञानिक अनुसंधान सम्बंधी गतिविधियों को बढ़ावा देंगे। 
उन्होंने कहा कि एकादमिक और वैज्ञानिक अनुसंधान जटिल रूप से एक दूसरे से जुड़े हैं और हम आगामी पीढ़ियों के विकास का समान नजरिया रखते हैं। 
इस अवसर पर संस्थान के निदेशक इं0 किरीट कुमार ने कहा कि गोविंद बल्लभ पतं राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान का अखिल हिमायली कार्यक्षेत्र छात्रों, बुद्धिजीवियों और अनुसंधानकर्ताओं के लिए एक बड़े अवसर प्रदान करता हैं। लद्दाख विश्वविद्यालय में हिमालयी पारिस्थितिकी पर काम कर रहे  अनुसंधानकर्ताओं के लिए यह करार अच्छा मंच तैयार करेगा। संस्थान के विभिन्न हिमालयी राज्यों में  अंतः विषयक अनुसंधान, विभिन्न अनुसंधान प्रारूप, प्रदर्शन और प्रकाशन तथा सफलता के प्रारूप विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए लाभप्रद और प्रेरक होंगे। 
इस अवसर पर विश्वविद्यालय डीन श्री डिस्कयोंग नमगयाल, प्रो0 फारूख अहमद खान, निदेशक लेह परिसर डाॅ सोनम जाॅलडन, नवांग टंडुप , डाॅ सुरेश राना व यांगचन डोलमा आदि ने इस कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। ज्ञातव्य है कि गोविंद बल्लभ पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान द्वारा दिसम्बर 2019 को लद्दाख रीजनल सेंटर की स्थापना की थी। जटिल प्राकृतिक चुनौतियों के बाद भी संस्थान से जुड़े अनुसंधानकर्ता, पर्यटन, प्राकृतिक आपदाओं, जैव विविधता संरक्षण और स्थानीय उत्पाद आधारित उद्यमिता, नवीन तकनीकों के प्रोत्साहन, व जैविक उत्पादन आदि क्षेत्रों में उल्लेखनीय गतिविधियों में उल्लेखनीय कार्यों में लगे हैं। इसके अतिरिक्त लेह-लद्दाख क्षेत्र में भू-क्षेत्र, वन्यजीवन, पक्षी जगत , जल संसाधनों आदि के क्षेत्र में भी अनेक अनुसंधान कार्य जारी है। 
  

 

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