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किसानों को नही लुभा पा रहा गेंहू का न्यूनतम समर्थन मूल्य
खरीद केंद्रों में गेहूं की खरीद शून्य अमित जोशी टनकपुर ।सरकारी गेहूं खरीद केंद्र खुले 15 दिन का समय हो चुका है लेकिन केंद्रों में अब तक बिक्री के लिए एक भी दाना गेंहू का नहीं पहुंचा है। टनकपुर,बनबसा में गेहूं कटाई और मढ़ाई का काम तेजी से चल रहा है। कई किसानों ने कई
 
किसानों को नही लुभा पा रहा गेंहू का न्यूनतम समर्थन मूल्य

खरीद केंद्रों में गेहूं की खरीद शून्य


अमित जोशी


टनकपुर ।सरकारी गेहूं खरीद केंद्र खुले 15 दिन का समय हो चुका है लेकिन केंद्रों में अब तक बिक्री के लिए एक भी दाना गेंहू का नहीं पहुंचा है। टनकपुर,बनबसा में गेहूं कटाई और मढ़ाई का काम तेजी से चल रहा है। कई किसानों ने कई किसानों ने गेहूं की बिक्री भी शुरू कर दी है। किसानों का गेहूं खरीदने के लिए बहुउद्देशीय टनकपुर साधन सहकारी समिति द्वारा हर वर्ष क्रय केंद्र खोले जाते हैं इस बार भी टनकपुर मंडी समिति और बनबसा में 1 अप्रैल से केंद्र खोल दिए है। गेहूं का समर्थन मूल्य सरकार ने 1840रू तय किया है । राज्य सरकार 20 रू बोनस दे रही है लेकिन सरकार का यह मूल्य भी किसानों को नहीं लुभा पा रहा है। लेकिन किसान सरकारी क्रय केंद्रों में गेहूं की बिक्री करने के बजाय खुले बाजार में बेचना ज्यादा मुनासिब मान रहे हैं।
साधन सहकारी समिति टनकपुर की सचिव अर्पणा वल्दिया ने बताया कि
क्रय कांटे लगाने के साथ साथ किसानों के बैठने और विश्राम की व्यवस्था भी गई है। उनका कहना है कि किसान गेहूं की कटाई में व्यस्त हैं लेकिन गेहूं की खरीद के लिए किसानो का पंजीकरण शुरू कर दिया गया है। उन्होेने कहा कि है कि कटाई मढ़ाई की बाद किसान केंद्रों में गेहूं की बिक्री आना शुरू होंगे। खरीद केन्द्र बनबसा के प्रभारी डिगर चन्द्र ने कहा कि बनबसा के किसान द्वारा गेहूं बेचने के लिए पंजीकरण कराया जा रहा हैं लेकिन गेहूं की खरीद शुरू नहीं हो पाई है। उन्होने क्षेत्र के किसानों के सोमवार से खरीदा केंद्रो में गेंहू को लाये जाने की संभावना जताई। गर चंद

5 साल में 390 रु बढ़ा है गेहूं का समर्थन मूल्य
सरकारी क्रय केंद्रों में 5 साल के अंदर गेहूं का समर्थन मूल्य
390 रु बढ़ा है बौद्ध बहुउद्देशीय शिविर टनकपुर साधन सहकारी समिति की सचिव और अर्पणा वाल्दिया ने बताया कि वर्ष 2015 में गेहूं का समर्थन मूल्य 1450 था जो बढ़कर 1840 रुपए हो गया राज्य सरकार भी किसानों को 20 रू प्रति क्विंटल बोनस दे रही है। बावजूद इसके ​गेंहू के सरकारी खरीद केन्द्रों में किसान अपना गेंहू बेचने से बच रहे है। खुले बाजार में गेंहू बेचने को किसान प्राथमिकता दे रहे है।

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