सिरोली/ पौड़ी:: 32वां उमेश डोभाल स्मृति सम्मान समारोह स्व. उमेश डोभाल के मूल गांव सिरोली स्थित जीआईसी क्यार्क में आयोजित किया गया। इस समारोह में साहित्य, संस्कृति, पत्रकारिता के क्षेत्र में अमूल्य योगदान देने वाली विभूतियों को सम्मानित किया गया।
रविवार को हुए सम्मान समारोह में रंवाई साहित्य के लेखक महावीर रंवाल्टा को उमेश डोभाल स्मृति सम्मान से नवाजा गया। मसूरी के समीर शुक्ला को लोक संस्कृति के संरक्षण में अहम योगदान के लिए राजेंद्र रावत राजू स्मृति जनसरोकार सम्मान से सम्मानित किया गया। गिरीश तिवाड़ी गिर्दा स्मृति जनकवि सम्मान से अल्मोड़ा के युवा कवि हर्ष काफर उनकी जनपक्षीय कविताओं के लिए प्रदान किया गया।
इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के क्षेत्र में किशन चंद्र जोशी, सोशल व प्रिंट मीडिया के क्षेत्र में प्रेम पंचोली को सम्मानित किया गया। इसके अलावा भुवनेश्वरी जोशी प्रतिभा सम्मान चामी टीनएजर्स क्लब और अनिरुद्ध जोशी प्रतिभा सम्मान दगड्या ग्रुप को प्रदान किया गया।
इससे पूर्व समारोह का उद्घाटन मुख्य अतिथि लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी ने किया। उन्होंने कहा कि जन सरोकार की पत्रकारिता करते हुए उमेश डोभाल ने जान गंवाई। उनकी सृजनशीलता व जनपक्षीय पत्रकारता को जीवंत बनाए रखे में बहुत कलमकार अहम भूमिका निभा रहे हैं।
कहा कि स्व. उमेश डोभाल ट्रस्ट तीन दशक से भी अधिक समय से लगातार साहित्य, संस्कृति व पत्रकारिता के क्षेत्र में सम्मान समारोह आयोजित कर रहा है।
इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार राजीव लोचन शाह ने कहा कि लोकतंत्र में पत्रकारिता बहुमूल्य है। लेकिन वर्तमान दौर में विचारों की अभिव्यक्ति, आलोचना सरकार सहन नहीं कर पा रही है प्रमाण हैं कि सामाजिक कार्यकर्ताओं, पत्रकारों पर आए दिन मुकदमे दर्ज हो रहे हैं।
बाल साहित्यकार मनोहर चमोली मनु ने कहा कि पत्रकारिता का स्वरुप अब बहुत बदल गया है। कागज पर पढ़ना कब हो गया है, लेकिन ईलेक्ट्रॉनिक माध्यमों पर खूब पढ़ा जा रहा है।
हालांकि क्या देखा और क्या पढ़ा जा रहा यह कह पाना मुश्किल है।
ट्रस्ट के अध्यक्ष गोविंद पंत राजू की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी, ट्रस्ट के महासचिव नरेश नौडियाल, साहित्यकार अरुण कुकसाल, यूजीबी की क्षेत्रीय निदेशक अमिता रतूड़ी, लुसुन टोडरिया, दिनेश डोभाल, केसर सिंह असवाल, प्रशांत नेगी, नमन चंदोला, डा. कमलेश मिश्रा, आशीष मोहन नेगी, विनय शाह आदि मौजूद रहे। संचालन गणेश खुगशाल गणि ने किया।