सोबन सिंह जीना विश्वविद्याालय के कुलपति को ज्ञापन भेजकर फीस बढ़ोत्तरी वापस लेने की मांग
पिथौरागढ़। स्नातकोत्तर में प्रवेश शुल्क बढ़ाने विरोध में एलएसम राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने शुक्रवार को कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया और सोबन सिंह जीना विश्वविद्याालय के कुलपति को ज्ञापन भेजकर फीस बढ़ोत्तरी वापस लेने की मांग की।
कलक्ट्रेट स्थित धरना स्थल पर धरना-प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी के माध्यम से भेजे गए ज्ञापन में छात्र-छात्राओं ने कहा है कि सीमांत क्षेत्र की विपरीत भौगोलिक और आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए लंबे समय से पिथौरागढ में एक अलग विश्वविद्यालय की मांग उठती रही।
ज्ञापन में कहा है कि लंबी अनदेखी के बाद वर्ष 2020 में कुमाऊं विश्वविद्यालय से अलग एक नया विश्वविद्यालय सोबन सिंह जीना बनाया गया जो अल्मोड़ा में खोला गया। विद्यार्थियों का कहना है कि नया विश्वविद्यालय बनने से सीमांत के छात्रों को अपेक्षा थी कि उन्हें सस्ती, सुलभ व गुण़वत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त होगी, लेकिन नया विश्वविद्यालय खुलने के बाद शिक्षा के स्तर में कोई सुधार होता नजर नहीं आ रहा। इसके विपरीत स्नातकोत्तर में प्रवेश शुल्क 22 सौ से बढकर 38 सौ हो जाने से छात्र-छात्राएं अपने को ठगा महसूस कर रहे हैं। इससे आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों पर बोझ तो बढ़ा ही है, कोरोना से खत्म हुए आय के स्रोतों के बीच दुश्वारियां और बढ़ गई हैं।
इस दौरान छात्रा मुस्कान ने कहा कि अगर फीस वृद्धि वापस नहीं होगी तो मुझ जैसे कई विद्यार्थी उच्च शिक्षा से वंचित रह जाएंगे। क्योंकि मैंने और मेरे दोस्तों ने आपस में रुपए जमा कर फीस जमा की थी।
अंजली ने बताया कि मैं गांव से यहां उच्च शिक्षा ग्रहण करने आई हूं और किराए पर रहती हूं। कोरोना और महंगाई के कारण वैसे ही आर्थिक दबाव है। फीस बढ़ने से हम पर दोहरी मार पड़ी है। उन्होंने कुलपति से फीस में हुई अत्यधिक बढ़ोत्तरी वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय और उससे जुड़े परिसरों में दूरस्थ इलाकों और वंचित तबके से बहुत से छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा ग्रहण करने आते हैं, लेकिन फीस में हुई अत्यधिक वृद्धि से ये छात्र उच्च शिक्षा से वंचित हो जायेंगे और विभिन्न सामाजिक आर्थिक तबकों पर बहुत बोझ बढ़ जाएगा। प्रदर्शन में एकता, निकिता, मेघा, शीतल कोहली, प्रिया, नवल पांडे, नवनीत, रजत, दीपक व गणेश आदि छात्र-छात्राएं शामिल थे।