अगर आप या आपके परिवार का कोई सदस्य सोशल मीडिया की लत (ई-एडिक्शन) से परेशान हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है। उत्तराखंड सरकार ने इस समस्या के समाधान के लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों (हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों) में मुफ्त इलाज और काउंसलिंग सुविधा देने का फैसला किया है। अब लोग इन केंद्रों पर जाकर बिना किसी शुल्क के सोशल मीडिया की लत से छुटकारा पाने के लिए इलाज और परामर्श प्राप्त कर सकेंगे।
उत्तराखंड में 1,600 से अधिक हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर संचालित हैं, जहां कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (CHO) स्वास्थ्य जांच और प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराते हैं। अब इन केंद्रों में ई-एडिक्शन काउंसलिंग और थेरेपी की सुविधा भी दी जाएगी, ताकि सोशल मीडिया की लत के शिकार लोगों को सही मार्गदर्शन और इलाज मिल सके।
मोबाइल और इंटरनेट के अत्यधिक उपयोग से युवाओं और बच्चों में ई-एडिक्शन की समस्या तेजी से बढ़ रही है। इससे मानसिक तनाव, अवसाद, अनिद्रा, एकाकीपन और शारीरिक स्वास्थ्य समस्याएं हो रही हैं। गैप एनालिसिस कमेटी की सिफारिश पर उत्तराखंड सरकार ने यह पहल की है, ताकि लोग समय रहते इस लत से छुटकारा पा सकें और मानसिक रूप से स्वस्थ जीवन जी सकें।