हिमालय में तबाही: अचानक गिरा ग्लेशियर
बद्रीनाथ धाम में शुक्रवार को बड़ा हादसा हुआ। भारी बर्फबारी के कारण ग्लेशियर टूट गया, जिससे सड़क निर्माण कार्य में लगे 57 मजदूर दब गए। राहत और बचाव कार्य जारी है, अब तक 16 मजदूरों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। मौसम की खराबी बचाव कार्य में बाधा बन रही है।
मौसम विभाग की चेतावनी हुई सच
पिछले 48 घंटों में क्षेत्र में भारी बर्फबारी हो रही थी। मौसम विभाग ने पहले ही ऑरेंज अलर्ट जारी किया था और हिमस्खलन की आशंका जताई थी। चमोली, बागेश्वर, देहरादून, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, टिहरी और उत्तरकाशी में तेज बारिश और बर्फबारी का पूर्वानुमान जारी किया गया था।
रेस्क्यू ऑपरेशन तेज, प्रशासन सतर्क
जैसे ही घटना की सूचना मिली, प्रशासन और BRO की टीम मौके पर पहुंच गई। आपदा प्रबंधन सचिव विनोद सुमन ने बताया कि 57 मजदूर दबे हुए थे, जिनमें से 16 को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जबकि 41 मजदूरों की तलाश जारी है। चमोली के जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बताया कि खराब मौसम के कारण सही जानकारी मिलने में कठिनाई हो रही है।
सेना, NDRF और SDRF राहत कार्य में जुटे
उत्तराखंड का माणा गांव भारत-चीन सीमा पर स्थित है, जहां सेना का बेस कैंप भी मौजूद है। इसलिए सेना ने तुरंत बचाव कार्य शुरू कर दिया। साथ ही, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी राहत और बचाव कार्य में जुट गई हैं। BRO की टीमें भी लगातार मलबे को हटाने का प्रयास कर रही हैं।
गौचर में हाई अल्टीट्यूड रेस्क्यू टीम अलर्ट पर
आपदा कंट्रोल रूम, चमोली से सूचना मिलते ही SDRF कमांडेंट ने जोशीमठ से टीम रवाना कर दी। गौचर और सहस्रधारा, देहरादून में हाई अल्टीट्यूड रेस्क्यू टीम को भी अलर्ट पर रखा गया है।
सीएम ने जताया दुख, रेस्क्यू कार्य पर निगरानी
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना पर दुख जताया और सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि ITBP, BRO और अन्य बचाव दल राहत कार्य में जुटे हुए हैं। उन्होंने मजदूरों की सुरक्षित वापसी की प्रार्थना की और अधिकारियों को तेजी से राहत कार्य करने के निर्देश दिए।
केदारनाथ में भी भारी बर्फबारी
मौसम खराब होने के कारण केदारनाथ धाम में भी जबरदस्त बर्फबारी हो रही है। यहां तीन से चार फीट तक बर्फ जम चुकी है। ITBP और पुलिस के जवान सुरक्षा व्यवस्था में तैनात हैं और भारी ठंड में ड्यूटी कर रहे हैं। मदमहेश्वर और तुंगनाथ धाम में भी बर्फबारी जारी है।