Almora: Former Team India captain Mahendra Singh Dhoni reached his native village Lwali Jainti.
अल्मोड़ा, 15 नवंबर 2023- अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर व भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी (Mahendra Singh Dhoni) अपने परिजनों के साथ अपने अपने पैतृक गांव पहुंच गए हैं।
उनका पैतृक गांव जैंती तहसील के ल्वाली गांव में है उनके साथ उनकी पत्नी और बिटिया भी है। गांव में उन्होंने लोगों के साथ फोटो खिंचवाई और गोरखनाथ मंदिर में पूजा की। वहीं पैतृक घर की देहरी पर बैठ कर विश्राम किया।
Mahendra Singh Dhoni अल्मोड़ा जिले की जैंती तहसील के ल्वाली गांव के मूल निवासी हैं। 1970 में धोनी के पिता रांची जाकर बस गये थे। वर्तमान में उनके चाचा सहित अन्य लोग गांव में ही रहते हैं। हालांकि महेंद्र सिंह धोनी का जन्म झारखण्ड के रांची में एक मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ। वह वहीं से क्रिकेट सीखे और देश के लिए खेले। वह 2004 में भी गांव आए थे।
इन दिनों इंडिया टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी (Mahendra Singh Dhoni)अपनी पत्नी साक्षी व बेटी संग उत्तराखंड में घूम रहे हैं। वह नैनीताल के कैंची धाम भी गए ।उनके साथ उनके कई दोस्त भी हैं। मंगलवार को सुबह 11:50 बजे इंडिगो एयर की फ्लाइट से वह पंतनगर एयरपोर्ट पहुंचे थे। इसके बाद वह नैनीताल रवाना हुआ।
मीडिया रिपोर्टस के अनुसार 19 नवंबर को एमएस धौनी की पत्नी साक्षी का जन्मदिन है। माना जा रहा है कि उत्सव मनाने ही वह साक्षी संग देवभूमि उत्तराखंड आये हैं। धौनी ने अपने इंस्टाग्राम पर एक स्टोरी भी पोस्ट की है जिस पर लिखा है बर्थडे वीक।अल्मोड़ा स्थित अपने पैत्रक गांव में उन्होंने इंडिया टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने ग्रामीणों संग फोटो भी खिंचवाई। सभी का बड़े प्रेम से अभिवादन स्वीकार किया। उनके आगमन पर ग्रामीणों में जबरदस्त उत्साह देखा गया।
सोशल मीडिया में वायरल सूचनाओं के अनुसार महेंद्र सिंह धौनी ने परिवार संग अपने कुल देवता गुरु गोरखनाथ जी के दर्शन भी किए।