इस आइकॉनिक फिल्म में सतीश शाह को 50-100 रुपये की किश्तों में मिली थी फीस

मुंबई। सतीश शाह का पूरा नाम सतीश रविलाल शाह है। फैंस के दिलों पर राज करने वाले सतीश अपना जन्मदिन 25 जून को मनाते हैं।…

मुंबई। सतीश शाह का पूरा नाम सतीश रविलाल शाह है। फैंस के दिलों पर राज करने वाले सतीश अपना जन्मदिन 25 जून को मनाते हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 1970 में की थी। एक्टर ने हिंदी के अलावा कई मराठी फिल्मों और टीवी सीरियल्स में भी काम किया है। सतीश शाह का जन्म 25 जून 1951 को मांडवी कच्छ, गुजरात में हुआ था। गुजरात से निकलकर इस एक्टर ने सिनेमा की दुनिया में अपनी खास पहचान बनाई है। 

अभिनेता को पहचान 1980 में दूरदर्शन पर आए सीरियल ‘ये जो जिंदगी’ से मिली थी। इस शो में एक्टर 60 से ज्यादा किरदार निभाते दिखाई दिए थे। सतीश ने इस शो में निभाए खुद के हर एक रोल में एक्टिंग की छाप छोड़ी थी। इसके अलावा सतीश शाह ने दूरदर्शन के कार्यक्रम ‘ऑल द बेस्ट’ और ‘नहले पे दहला’ में भी काम किया है। इन्होंने छोटे पर्दे के साथ ही बड़े पर्दे पर भी अपना जलवा दिखाया है। ‘जाने भी दो यारों’, ‘ये जो है ज़िंदगी’, ‘साराभाई वर्सेज साराभाई’, ‘मैं हूं ना’, ‘कल हो ना हो’, ‘फना’, ‘ओम शांति ओम’, ‘ऑल द बेस्ट’ जैसे फिल्मों और टीवी सीरियल्स में नजर आए। 

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इसके अलावा अभिनेता को साराभाई वर्सेस साराभाई के लिए भी खास रूप से जाना जाता हैं। इस फेमस शो में सतीश शाह इंद्रवदन के रोल में दिखाई दिए। फैंस को उनका ये रोल काफी ज्यादा पसदं आया है। फैंस आज उनको इंद्रवदन के नाम से ही ज्यादा जानते हैं।

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भले ही पर्दे पर सतीश शाह छोटे रोल करते हों पर उनका हर किरदार बोलता था। फ़िल्म ‘जाने भी दो यारों’ में उन्होंने एक लाश का रोल प्ले किया। इस फिल्म में देख ऐसा लगता था कि सच में वो एक लाश हैं। एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने इससे जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा बताया था। मालूम हो कि ‘जाने भी दो यारों’ हिंदी सिनेमा की एक आईकॉनिक फ़िल्म है। इसका निर्देशन कुंदन शाह ने किया था। इस फिल्म में इनके अलावा नसीरूद्दीन शाह, रवि, ओम पुरी, नीना गुप्ता और भक्ति बर्वे जैसे स्टार्स थे।

इस फिल्म के बारे में बताते हुए सतीश शाह ने कहा था कि ये फिल्म के बनने में भगवान का भी बहुत बड़ा हाथ था। ये फिल्म जैसे बनी इस पर कोई क़िताब भी लिख सकता है। उस समय फिल्म ज्यादा बजट की नहीं होती थीं। उन्होंने कहा, फिल्म का बजट ही लगभग आठ लाख रुपये था तो आप समझ सकते हैं कि मुझे कितनी फीस मिली होगी। मुझे 50 और 100 रुपये के चेक मिला करते थे मतलब मुझे मेरी फीस इंस्टॉलमेंट में मिली थी।

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उन्होंने बताया कि जब वो फ़िल्म इंडस्ट्री में स्ट्रगल कर रहे थे तब प्रोड्यूसर्स उस एक्टर को साइन करने के लिए बेताब रहते थे जिनके पास डेट्स नहीं होती थी। सतीश शाह ने अपने करियर में कई बेहतरीन फिल्मों में काम किया। इनमें  अनोखा रिश्ता, मालामाल, हम साथ साथ हैं, हम आपके हैं कौन, आग और शोला, धर्मसंकट, घर की इज्जत, दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे और मैं हूं ना प्रमुख है।

सतीश शाह और उनकी पत्नी मधु शाह की शादी का किस्सा भी काफी रोचक है। दोनों पहली बार सिप्टा फिल्म फेस्टिवल में मिले थे। सतीश शाह ने उसी वक्त मधु को प्रपोज कर दिया जिसे सुनकर मधु ने मना कर दिया। इस तरह मना करने पर सतीश शाह का दिल टूटा जरूर था लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। एक बार एसएनडीटी कॉलेज में फिल्म साथ-साथ की शूटिंग हो रही थी। सतीश शाह जहां इसी फिल्म में काम कर रहे थे तो वहीं मधु एसएनडीटी कॉलेज में पढ़ती थीं। मौका देखते ही सतीश शाह ने दोबारा प्रपोज किया लेकिन इस बार भी उन्हें इनकार ही सुनना पड़ा। आखिरकार जब तीसरी बार सतीश शाह ने शादी के लिए कहा तो मधु मना नहीं कर पाई और माता-पिता से परमिशन लेने के लिए कहा। घरवालों की रजामंदी से ये कपल शादी के बंधन में बंध गया।