Gramodhyoh Vikas Sansthan raised the demand for cleaning and arranging fire lines in the Syahidevi forest area
अल्मोड़ा, 23 अगस्त 2022- ग्रामोद्योग विकास संस्थान ने स्याहीदेवी वन क्षेत्र में फायर लाइनों की सफाई, जरूरत के अनुसार नई फायर लाइन बनाना और पुरानी फायर लाइनों को व्यवस्थित करने की मांग की है।
डीएफओ अल्मोड़ा को भेजे ज्ञापन में संस्थान के सचिव गिरीश शर्मा ने कहा है कि अल्मोड़ा वन प्रभाग अन्तर्गत स्याही देवी शीतलाखेत का आरक्षित वन क्षेत्र जो लगभग 2200 हैक्टेयर क्षेत्रफल में फैला हुआ है, अल्मोड़ा शहर और चालीस से अधिक गांवों की पेयजल आपूर्ति, जैवविविधता की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है।
ज्ञापन में कहा गया है कि इस वन क्षेत्र में मौजूद 34 से अधिक जल स्रोतों द्वारा अल्मोड़ा शहर और 40 से अधिक गांवों को वर्ष 1926 से आज तक पेयजल आपूर्ति होती आयी है। परंतु पिछले कुछ सालों से इस आरक्षित वन क्षेत्र में आग लगने की घटनाओं में वृद्धि होने से जल स्रोतों और जैवविविधता को गंभीर खतरा पैदा हो गया है। हालांकि क्षेत्रीय जनता द्वारा वन विभाग को सहयोग देकर वनाग्नि नियंत्रण के प्रयास किए जाते रहे हैं परन्तु वन क्षेत्र में मौजूद फायर लाईनों की साफ सफाई न होने और उपयुक्त स्थानों पर फायर लाईन नहीं होने से वनाग्नि नियंत्रण बेहद मुश्किल हो जाता है।
यह मांग उठाई ज्ञापन में
संस्थान ने ज्ञापन में स्याही देवी शीतलाखेत आरक्षित वन क्षेत्र में मौजूद पुरानी फायर लाईनों की साफ सफाई और इन्हें व्यवस्थित किए जाने,
इस वन क्षेत्र की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए मौनी बाबा कुटी ( दक्षिणी स्याही देवी कंपार्टमेंट नंबर -5) से स्याही देवी गांव में श्री राम सिंह के मकान तक, श्यामवा चौकी ( उत्तरी स्याही देवी कंपार्टमेंट नंबर -14) से रैंगल गांव तक,श्यामवा चौकी ( उत्तरी स्याही देवी कंपार्टमेंट नंबर -14) से कफून गांव तक, चिल्मियां चौकी (उत्तरी स्याही देवी कंपार्टमेंट नंबर -12) से स्याही देवी मंदिर तक, श्यामवा चौकी ( उत्तरी स्याही देवी कंपार्टमेंट नंबर -14) से लामिरो गधेरा,धामस गांव के पास (उत्तरी स्याही देवी कंपार्टमेंट नंबर -12) तक नयी फायर लाईनों का निर्माण करने की मांग की है। साथ ही नयी फायर लाईनों के निर्माण और पुरानी फायर लाईनों को व्यवस्थित करने की भी मांग की है।