कर्नाटक सरकार ने जनता को एक बड़ा झटका दिया है। कर्नाटक में डीजल की बिक्री पर 3% बढ़ा दिया गया है। इसके बाद वहां डीजल के दामों में दो रुपए की बढ़ोतरी हुई है। यह 1 अप्रैल से प्रभावी हो गया है।
राज्य सरकार ने कहा है कि डीजल पर कर्नाटक सेल्स टैक्स 18.4% से बढ़कर 21.70% हो गया है कर्नाटक में इससे पहले डीजल की कीमत 88.99 रुपये प्रति लीटर, जबकि पेट्रोल 102.99 रुपये प्रति लीटर था।
कर्नाटक पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने कहा कि डीजल के दाम में करीब 2 रुपये तक का इजाफा किया गया है।
एक आधिकारिक बयान में यह भी कहा गया की 4 नवंबर 2021 से पहले कर्नाटक में डीजल पर बिक्री कर की दर 24% थी और प्रति लीटर बिक्री मूल्य 92.03 रुपए था। पिछले साल 15 जून को कर्नाटक सरकार ने डीजल पर कर की दर घटकर 18.44% कर दिया था।
कहा गया है कि 31 मार्च, 2025 तक बेंगलुरु में डीजल की कीमत 89.02 रुपये, जबकि होसुर (तमिलनाडु) में यह 94.42 रुपये, कासरगोड (केरल) में 95.66 रुपये, अनाथपुरा (आंध्र प्रदेश) में 97.35 रुपये, हैदराबाद (तेलंगाना) में 95.70 रुपये और कागल (महाराष्ट्र) में 91.07 रुपये है।
इस कदम की आलोचना करते हुए कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक ने मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पर एक-एक करके वस्तुओं पर कर लगाने का आरोप लगाया।
इधर, केंद्रीय मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने मंगलवार को कर्नाटक की सिद्धरमैया सरकार पर ‘‘मूल्य वृद्धि दानव’’ में बदलने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह लोगों का खून चूस रही है।
मीडिया में उन्होंने कहा कि आज से कांग्रेस कंपनी की सरकार कूड़े पर भी उपकर लगा रही है। वह लोगों का खून चूस रही है।’ उन्होंने राज्य सरकार पर धोखा देने और लगातार कीमतें बढ़ाने का आरोप लगाया।
उन्होंने बयान में कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘यह कर्नाटक ईस्ट इंडिया कांग्रेस कंपनी सरकार की शासन शैली है। आज से कांग्रेस कंपनी सरकार कूड़े पर भी उपकर लगा रही है।