उत्तराखंड की धामी सरकार ने प्रदेश के चार जिलों के 17 स्थानों और दो सड़कों के नाम बदलने का बड़ा और अहम निर्णय लिया है। इस फैसले के तहत कई स्थानों के उर्दू नामों को बदलकर हिन्दू नाम रखने की योजना बनाई गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस बदलाव को जनभावनाओं और संस्कृति के अनुरूप बताया और कहा कि यह बदलाव महापुरुषों के योगदान और क्षेत्र की संस्कृति का सम्मान करते हुए किया गया है।
https://x.com/ANI/status/1906947998560698396?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1906947998560698396%7Ctwgr%5E8cb88b8591c1c10928f261ec2aaafc7460e9c666%7Ctwcon%5Es1_c10&ref_url=https%3A%2F%2Fwww.etvbharat.com%2Fhi%2Fstate%2Fcm-pushkar-singh-dhami-changed-the-names-of-many-places-in-four-districts-uttarakhand-news-uts25040101603
हरिद्वार जिले में औरंगजेबपुर का नाम शिवाजी नगर, गाजीवली का नाम आर्यनगर और चांदपुर का नाम ज्योतिबा फुले नगर किया गया है। इसी तरह, देहरादून में मियांवाला का नाम रामजीवाला, पीरवाला का नाम केसरीनगर और अब्दुल्लापुर का नाम दक्षनगर रखा गया है। इसके अलावा हल्द्वानी और उधम सिंह नगर में भी कई स्थानों के नाम बदले गए हैं।
हालांकि, इस फैसले के बाद सियासत तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया कि क्या नाम बदलने से विकास की दिशा में कोई बदलाव होगा? उन्होंने यह भी पूछा कि क्या ग्रामसभा या नगर पंचायतों की राय ली गई है?