मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना शुरू हो गई है। आज ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में इसका शुभारंभ किया था। चंपावत में जिलाधिकारी विनीत तोमर ने जिले से चयनित कर दस बच्चों को तीन-तीन हज़ार रुपये का चेक तथा योजना मे चयनित होने का प्रमाण पत्र प्रदान किये।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संचालित कार्यक्रम में सभी 10 बच्चों को बुलाया गया। जिलाधिकारी ने सभी बच्चों को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के तहत 1 मार्च 2020 से 31 मार्च 2022 के माध्यम जिन बच्चों ने कोविड-19 या अन्य बीमारी के चलते अपने अभिभावकों में से किसी एक को खोया है उन बच्चों को 21 वर्ष तक प्रतिमाह 3000 रुपये की सहायता राशि सरकार देगी तथा समस्त शिक्षा का खर्च भी सरकार उठाएगी।
वहीं, 21 वर्ष तक बच्चों की समस्त चल अचल संपत्ति की देखभाल का जिम्मा भी जिलाधिकारी की देख-रेख में होगा। आंकड़ों के अनुसार राज्य में 151 ऐसे बच्चे हैं जिन्होंने अपने माता तथा पिता, दोनों को खोया है तथा 2196 ऐसे बच्चे जिन्होंने अपने माता-पिता में से किसी एक को खोया है।
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र सिंह रावत, जिला कार्यक्रम अधिकारी पीएस ब्रिजवाल, जिला समाज कल्याण अधिकारी आरएस सामंत, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी भगवत प्रसाद पांडे तथा अन्य लोग मौजूद थे।