केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 2025-26 सत्र से 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा साल में दो बार आयोजित करने का निर्णय लिया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत छात्रों को बोर्ड परीक्षा में अपना प्रदर्शन सुधारने का अवसर देने के लिए यह बदलाव किया गया है। हालांकि, दोनों परीक्षाएं पूर्ण पाठ्यक्रम पर आधारित होंगी और प्रायोगिक परीक्षा या आंतरिक मूल्यांकन केवल एक बार किया जाएगा।
इस नई प्रणाली को लागू करने से पहले सीबीएसई ने 9 मार्च तक लोगों से सुझाव मांगे हैं। दोनों परीक्षाओं के लिए छात्रों को एक ही परीक्षा केंद्र आवंटित किया जाएगा, लेकिन परीक्षा शुल्क में वृद्धि की जाएगी।
सीबीएसई के प्रस्तावित शेड्यूल के अनुसार, पहली बोर्ड परीक्षा 17 फरवरी से 6 मार्च 2026 के बीच होगी, जबकि दूसरी परीक्षा 5 मई से 20 मई के बीच आयोजित की जा सकती है। यह बदलाव छात्रों को बेहतर प्रदर्शन करने का एक और मौका देगा और परीक्षा के दबाव को कम करने में मदद करेगा।
सीबीएसई ने 2026 से 10वीं की बोर्ड परीक्षाओं को साल में दो बार आयोजित करने से जुड़े मसौदा नियमों को मंजूरी दे दी है। अब बोर्ड जल्द ही इस संबंध में औपचारिक घोषणा कर सकता है। इस बदलाव से छात्रों को अधिक लचीलापन मिलेगा और वे अपनी कमजोरियों को सुधारने के लिए एक और अवसर प्राप्त कर सकेंगे। हालांकि, परीक्षा शुल्क में संभावित वृद्धि और पूरे पाठ्यक्रम पर आधारित परीक्षा की अनिवार्यता को लेकर अभिभावकों और शिक्षकों के विचार महत्वपूर्ण होंगे, जिन्हें बोर्ड 9 मार्च तक आमंत्रित कर रहा है।