नैनीताल। उत्तराखंड हाई कोर्ट ने 9 जुलाई को पौड़ी में हाई कोर्ट के अधिवक्ता के घर में घुसकर पुलिस द्वारा मारपीट करने के मामले में सुनवाई करते न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ ने सख्त रुख अपनाकर आरोपी कोतवाल नरेंद्र बिष्ठ एसआई सन्ध्या नेगी,एसआई दीक्षा सैनी शिकायतकर्ता मनमोहन रौतेला व अन्य के खिलाफ 48 घण्टे के भीतर एफआईआर दर्ज करने को कहा है।पिछली तिथि को कोर्ट ने एसएसपी पौड़ी से मारपीट के मामले पर स्टेट्स रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने को कहा था साथ ही अधिवक्ता व उसके परिवार के विरुद्ध दर्ज मुकदमे पर रोक लगा दी थी।
मामले के अनुसार पौड़ी निवासी अधिवक्ता राकेश कुंवर ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा है कि 9 जुलाई की रात 8:00 बजे के आसपास उनके घर में करीब 7 से 8 पुलिस वाले सहित शिकायतकर्ता मनमोहन रौतेला और कई अन्य लोग उसके घर में घुसकर उनकी मां और बहन के साथ मारपीट की साथ ही घर में रखे 10 से ₹12000 भी लूट लिए के ले गए। याचिकर्ता का यह भी कहना है कि इन लोगों के द्वारा उनके घर में आग लगाने की कोशिश की गई और उनकी मां और बहन के कपड़े भी फाड़ दिए और उनको जान से मारने की धमकी भी दी पुलिस उनको व उनके परिवार को कोतवाली उठा के ले गई वहीं घटना का विरोध करने पर कोतवाल नरेंद्र सिंह बिष्ट द्वारा उनकी 79 साल की मां के पेट में लात घूंसे मारे जिसमे वो घायल हो गयी और गाली गलौज की, वहीं पुलिस के द्वारा उनके भाई को भी बहुत बुरी तरह मारापीटा गया जो गंभीर अवस्था में अभी दिल्ली एम्स में भर्ती है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि पौड़ी के कोतवाल नरेंद्र सिंह बिष्ट द्वारा अधिवक्ता को जान से मारने की धमकी दी है और कहा है कि अगर वह पौड़ी में दिखा तो उसे वह गोली मार देंगे वही याचिकाकर्ता ने यह भी कहा है कि पुलिस उनका उत्पीड़न कर रही है ।