अल्मोड़ा:: शहर के प्रवेश द्वार करबला स्थित विवेकानंद द्वार के समक्ष संचालित विदेशी मदिरा की दुकान को स्थानांतरित करने की मांग को लेकर स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हस्ताक्षर अभियान शुरू किया है।
पहले दिन पल्टन बाजार से रघुनाथ मंदिर तक यह अभियान चलाया गया। इस अभियान को नगरवासियों का व्यापक समर्थन मिल रहा है। हस्ताक्षर अभियान के तहत प्रशासन से अपील की जा रही है कि स्वामी विवेकानंद की ऐतिहासिक यात्रा और उनकी शिक्षाओं की गरिमा को बनाए रखने के लिए मदिरा की दुकान को अन्यत्र स्थानांतरित किया जाए।
जनता का बढ़ता समर्थन
इस अभियान में शहर के प्रबुद्ध नागरिकों, छात्रों और जनप्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। अभियान में पार्षद मधु बिष्ट, चंचल दुर्गापाल, दीपक कुमार, अनूप भारती, विकास कुमार, गुंजन चम्याल, वैभव पांडेय, छात्र संघ सचिव गौरव भंडारी, हेमंत मेहरा, राहुल, गोविंद, रंजना, बसंत कांडपाल, रोहित बोरा सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
अभियान में शामिल लोगों का कहना है कि स्वामी विवेकानंद की अल्मोड़ा यात्रा भारतीय संस्कृति और आत्म-जागरण से जुड़ी एक ऐतिहासिक घटना है। कहा जाता है कि उन्होंने करबला से खजांची मोहल्ला तक घोड़े पर यात्रा की थी, और इस दौरान उन्होंने भारतीय संस्कृति, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया था। ऐसे में उनके नाम से जुड़े इस ऐतिहासिक स्थल के पास शराब की दुकान होना समाज के लिए एक काला धब्बा जैसा प्रतीत होता है।
जनभावनाओं का सम्मान जरूरी
अभियान से जुड़े लोगों ने मांग की है कि प्रशासन को जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए इस दुकान को जल्द से जल्द किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अल्मोड़ा अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत के लिए प्रसिद्ध है, और इस प्रकार की दुकानें इस विरासत को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
प्रशासन से की अपील
नगरवासियों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने और शराब की दुकान को अन्यत्र स्थानांतरित करने की अपील की है। उनका कहना है कि अगर समय रहते इस पर निर्णय नहीं लिया गया, तो वे आगे आंदोलन करने के लिए भी बाध्य होंगे।