1 अप्रैल से यानी कि नए वित्त वर्ष में बदल जाएंगे यह सारे नियम, जाने क्या होगा आपकी जेब पर असर

वित्त वर्ष 2025 26 यानी अगले महीने की 1 तारीख से कुछ अहम बदलाव होने वाले हैं। इसमें कई प्रमुख वित्तीय बदलाव किए जा रहे…

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वित्त वर्ष 2025 26 यानी अगले महीने की 1 तारीख से कुछ अहम बदलाव होने वाले हैं। इसमें कई प्रमुख वित्तीय बदलाव किए जा रहे हैं जिसमें यूपीएस, एमएसएमई और आयकर स्लैब की सीमा में इजाफा करने समेत कई ऐसी चीजें शामिल हैं, जिससे सामाजिक सुरक्षा बढ़ेगी और देश में खपत को रफ्तार मिलेगी।


आयकर स्लैब में नहीं कर व्यवस्था के तहत ₹1200000 तक की आए अब कर मुक्त हो जाएगी यानि अब 83200 की सालाना कमाई पर बचत कर पाएंगे। यह मध्यवर्ग के लिए एक बहुत बड़ी राहत की खबर है।

नई कर व्यवस्था के तहत बुनियादी छूट की सीमा को 3 लाख से बढ़कर ₹400000 तक की कर दी गई है और अब नए आयकर स्लैब को भी संशोधित किया गया है।


इसके साथ ही मिडिल क्लास को राहत देने के लिए धारा 87 ए के अंतर्गत छूट के दायरे को भी पहले की तुलना में और बढ़ा दिया गया है।


यूपीएस यानी एकीकृत पेंशन योजना को पिछले साल केन्द्र सरकार ने अगस्त में मंजूरी दी थी और नए वित्त वर्ष यानी 1अप्रैल से लागू होने जा रहा है। इसमें यह नियम है कि 25 साल की सेवा के बाद रिटायर होने के पहले के 12 महीने के औसत सैलरी के आधे के बराबर पेंशन मिलेगी।


इसके अलावा, पीएफआरडीए यानी पेंशन फंड नियमक एवं विकास प्राधिकार राष्ट्रीय पेंशन योजना के सदस्य के लिए भी यूपीएस के लागू होने पर काम किया जा रहा है।

इसमें रियाटर वाले और नए शामिल होने वाले कर्मचारी शामिल होंगे। साथ ही, जिन लोगों के जीवन साथी नहीं है, वे भी इसके पात्र होंगे।


हालांकि, इसको लेकर एक असमंजस की स्थिति ये है कि ऐसा मुमकिन है कि शुरूआत में ये योजना सिर्फ केन्द्र सरकार के कर्मचारियों को बेहतर लगे, क्योंकि दिल्ली, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, ओडिशा समेत कुछ ही राज्य इसमें दिचलस्पी दिखा रहे हैं।