अल्मोड़ा:: राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर मानसखंड विज्ञान केंद्र, अल्मोड़ा में एक भव्य समारोह आयोजित किया गया, जिसमें 130 से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। इस कार्यक्रम में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) की छात्राओं सहित विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थी उपस्थित रहे। यह आयोजन विज्ञान महोत्सव के अंतर्गत किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य गणित और विज्ञान के प्रति जागरूकता फैलाना तथा महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन के योगदान को स्मरण करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ और मुख्य अतिथि
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सीएस बिष्ट (जिला शिक्षा अधिकारी, माध्यमिक शिक्षा) थे, जबकि विशिष्ट अतिथि DIET के प्राचार्य श्री एल.एम. पांडे रहे। कार्यक्रम की शुरुआत मानसखंड विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. नवीन चंद्र जोशी के उद्घाटन भाषण से हुई। उन्होंने छात्रों को STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) शिक्षा के महत्व को समझाते हुए इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
डॉ. जोशी ने कहा, “गणित केवल संख्याओं का खेल नहीं है, बल्कि यह तार्किक सोच, समस्या समाधान और नवाचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण आधारशिला है।” उन्होंने रामानुजन के अद्वितीय गणितीय योगदान की चर्चा करते हुए बताया कि उनके शोध ने आधुनिक गणित की दिशा को नया स्वरूप दिया है।
इस अवसर पर उत्तराखंड राज्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद (UCOST) के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने वर्चुअल माध्यम से छात्रों एवं अतिथियों को संबोधित किया। उन्होंने विज्ञान केंद्रों की उपयोगिता को रेखांकित करते हुए कहा, “हमारा उद्देश्य विज्ञान एवं गणित को ग्रामीण और शहरी छात्रों के लिए समान रूप से सुलभ बनाना है।”
गणित का व्यापक उपयोग और प्रेरक व्याख्यान
सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के भौतिकी विभाग के प्रोफेसर और परिसर निदेशक डॉ. प्रवीण बिष्ट ने “गणित की उपयोगिता” विषय पर विशेष व्याख्यान दिया। उन्होंने गणित और विज्ञान की पारस्परिकता को सरल उदाहरणों के माध्यम से समझाया और रामानुजन के शोध कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “गणित का योगदान सिर्फ विज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इंजीनियरिंग, अर्थशास्त्र, कंप्यूटर विज्ञान और जीवन के हर क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।”
विशिष्ट अतिथि डॉ. एलएम पांडे ने गणित के दैनिक जीवन में महत्व को समझाया। उन्होंने कहा कि गणित केवल संख्याओं या समीकरणों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे निर्णय लेने की क्षमता को भी प्रभावित करता है।
गणित और विज्ञान को लोकप्रिय बनाने की पहल
मुख्य अतिथि सीएस बिष्ट ने ग्रामीण क्षेत्रों में गणित और विज्ञान को लोकप्रिय बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “हमें विज्ञान एवं गणित को सैद्धांतिक रूप से पढ़ाने के बजाय इसे व्यावहारिक और प्रयोगात्मक रूप से प्रस्तुत करना चाहिए, ताकि छात्र इसकी वास्तविक उपयोगिता को समझ सकें।”
छात्रों के लिए प्रतियोगिताएँ
कार्यक्रम में छात्रों के लिए पोस्टर प्रतियोगिता, व्याख्यान, वाद-विवाद एवं आशु भाषण जैसी विभिन्न प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं। प्रतियोगिताओं के लिए निम्नलिखित विषय निर्धारित किए गए:
जलवायु परिवर्तन: कारण एवं प्रभाव
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की उपयोगिता एवं दुष्परिणाम
विकसित भारत के लिए विज्ञान और नवाचार में वैश्विक नेतृत्व के लिए भारतीय युवाओं को सशक्त बनाना
वनाग्नि: उपयोगिता एवं दुष्परिणाम
निर्णायक मंडल और पुरस्कार वितरण