उत्तराखंड के वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने हाल ही में विधानसभा में एक लाख करोड़ का बजट पेश किया। इस बजट के दौरान हरिद्वार ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर का जिक्र भी किया गया। उन्होंने कहा कि इस गंगा कॉरिडोर के बारे में जल्दी ही यात्रियों को बड़ा लाभ मिलेगा।
इस कॉरिडोर के निर्माण के बाद गंगा घाटों पर भीड़ भी कम हो जाएगी। इसे लाने का सबसे बड़ा कारण यह भी है कि इस समय घाटों पर पर्यटकों की भीड़ काफी ज्यादा रहती है जैसे-जैसे समय बीतता जाएगा, भीड़ और भी बढ़ सकती है। ऐसे में भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की यात्रा को सुगम बनाने के लिए इसे लाने की बात हो रही है।
वित्त मंत्री का कहना है कि इसके निर्माण से यात्रियों को खुली जगह के साथ-साथ अधिक जगह भी मिलेगी। ऐसे में स्नान पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण किसी को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। श्रद्धालुओं के लिए नए घाट और रास्ते भी बनाए जा रहे हैं जिससे उनकी यात्रा और सुगम हो जाएगी। इस नए कॉरिडोर के निर्माण के बाद स्थानीय लोगों को भी लाभ मिलेगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
उन्हें रेस्तरां और दुकानें खोलने के लिए जगह मिलेगी।यह प्रस्ताव अभी चर्चा में है और इसके अक्टूबर 2026 तक पूरा होने की संभावना है। इस परियोजना पर चर्चा के बाद लोग इसे नमामि गंगे योजना के अंतर्गत जोड़ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि यह कदम गंगा को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए उठाए जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि यह कॉरिडोर करीब 10 किलोमीटर लंबा होगा कॉरिडोर के तहत हर की पौड़ी का स्वरूप पूरी तरह बदल जाएगा। हरिद्वार के कनखल, देवपुरा, मनसा देवी और चंडी देवी के अलावा हरकी पैड़ी, भारत माता मंदिर भीमगौड़ा जैसे धार्मिक स्थल भी इसमें शामिल होने वाले हैं। यह मसूरी के पास घूमने के लिए अच्छी जगहों में से एक है।