नीतीश को सत्ता से उतारने की कसम पूरी नहीं होने के बावजूद सम्राट चौधरी ने उतार दी पगड़ी

राजनीति जो रंग ना दिखाए,इस समय जिक्र हे रहा है कि बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का जिन्होंने लंबे इंतजार के बाद अपनी पगड़ी उतार…

Despite his vow to oust Nitish Kumar from power not being fulfilled, Samrat Choudhary took off his turban

राजनीति जो रंग ना दिखाए,इस समय जिक्र हे रहा है कि बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का जिन्होंने लंबे इंतजार के बाद अपनी पगड़ी उतार दी। 21 महीने पहले सम्राट ने नीतीश को पद से हटाने के लिए मुरेठा बांधा था। इसे लेकर विरोधी उन पर तंज कस रहे है।


बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने अपनी पगड़ी उतार कर सरयू नदी में डुबकी लगाई। इस खबर से सियासत और भी तेज हो गई, इस दौरान जदयू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने अपनी प्रतिक्रिया दी है उन्होंने कहां है कि अब अयोध्या में जाकर सम्राट चौधरी अपनी पगड़ी उतारेंगे यह उनका निजी मसला है लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार साथ निश्चय पार्ट 2 पर पहले भी कायम थे और आज भी कायम है।


इस दौरान बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के नए अवतार में हर किसी को चौंका दिया। सरयू में स्नान करने के बाद उन्होंने राम मंदिर में मत्था टेका और इसी के साथ उन्होंने हनुमानगढ़ी के भी दर्शन किए, इस दौरान सम्राट चौधरी का अयोध्या में भव्य स्वागत किया गया।


RJD ने सम्राट चौधरी पर साधा निशाना
वहीं बिहार पर साम्राज्य चौधरी के पड़ी उतारने के कारण राजनीति तेज हो गई जहां विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल के प्रवक्ता नृत्यांजय तिवारी का कहना है कि सम्राट चौधरी ने 21 महीने पहले नितीश कुमार को कुर्सी से हटाने के लिए वादा लिया था और तब तक वह अपना मुरेठा नहीं खोलेंगे,लेकिन आज स्थिति यह है कि सम्राट चौधरी को अपनी पगड़ी उतरनी पड़ी। उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी ने अयोध्या में जाकर अपने सर के बाल मुंडवा लिए लेकिन नितीश कुमार बिहार के सीएम के तौर पर कुर्सी पर बने हुए हैं।


RJD का आरोप— बिहार में बढ़ रहे हैं रोजाना अपराध
आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि सम्राट चौधरी की पगड़ी हटाने के कारण प्रभु श्री राम जी भाजपा से नाराज हो गए हैं वहां जाकर पड़ी खोलने से या पहनने से कोई फर्क नहीं पड़ता। सत्ता तो उनके हाथों से चली ही जाएगी। क्योंकि बिहार में रोजाना अपराध बढ़ रहे हैं वहां की जनता हाहाकार कर रही है यह राजनीतिक विषय नहीं है कि वह पब्लिक खोलें या नहीं जनता कोई से कोई लेना देना नहीं है।