रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ तीन दिवसीय ‘जागेश्वर महोत्सव’ का हुआ आगाज: पहले दिन लोकगायक नैननाथ रावल ने अपने न्योली गायन से दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध, महोत्सव में ये होगा खास

अल्मोड़ा। विश्व प्रसिद्व जागेश्वर मंदिर में तीन दिवसीय जागेश्वर महोत्सव का आज रंगारंग कार्यक्रमों के साथ शुभारम्भ हो गया। इस दौरान जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, मुख्य विकास अधिकारी मनुज गोयल, उपजिलाधिकारी मोनिका आदि ने दीप प्रज्जवलित कर महोत्सव का शुभारम्भ किया।

महोत्सव के शुभारम्भ के अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि जिलाधिकारी ने कहा कि सांस्कृतिक गतिविधियों के व पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी प्रतिभा को निखारने का मौका देना ही ऐसे महोत्सवों का मुख्य उददेश्य है। उन्होंने कहा कि जागेश्वर में इस महोत्सव को योगा व आध्यात्मिक की थीम पर आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसमें अनेक कलाकारों को मौका देने के साथ-साथ यहाॅ पर पर्यटकों के मनोरंजन के लिए जागेश्वर महोत्सव का आयोजन किया गया है।

जिलाधिकारी ने कहा कि तीन दिवसीय महोत्सव में सहासिक पर्यटन, योगा, आरती, सांस्कृतिक कार्यक्रम, विभिन्न विद्यालयों के लिए प्रतियोगिताए आयोजित की गयी है। उन्होंने अधिक से अधिक लोगो से महोत्सव में आने की अपील की है। विशिष्ट अतिथि मुख्य विकास अधिकारी मनुज गोयल ने कहा कि जागेश्वर में संस्कृति व आध्यात्म का समायोजन इस महोत्सव में किया जा रहा है जो अपने आप में सराहनीय है। यह एक भव्य कार्यक्रम हो इसके लिए सभी को प्रयास करना होगा। उपजिलाधिकारी मोनिका ने उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। इस दौरान प्रबन्धक भगवान भट्ट व उपाध्यक्ष गोविन्द गोपाल ने भी महोत्सव को सफल बनाने के लिए सहयोग की अपील की है।
महोत्सव के पहले दिन लोकगायक नैननाथ रावल ने अपनी न्योली गायन से लोगो को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान विहान सांस्कृतिक संस्था व अभिनन्दन सामाजिक समिति के कलाकारों ने भी मनमोहक प्रस्तुतियां दी। इस अवसर पर विभिन्न स्कूली बच्चों ने भी रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किये।
महोत्सव में देव संस्कृति विश्वविद्यालय से आये योग साधकों ने योगा का प्रदर्शन किया जिसे उपस्थित लोगो ने काफी सराहना की और जमकर तालिया बजायी महोत्सव के पहले दिन आज विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा जिलाधिकारी ने साहसिक पर्यटन का भी लुत्फ उठाया। सहासिक पर्यटन में अनेक लोगो प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में ग्राम्या व अन्य सहकारी समूहों ने स्टाॅल के माध्यम से लोगो को अनेक चीजों का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का संचालन कैलाश और बृजेश डसीला ने किया। महोत्सव में वीपीकेएस के वैज्ञानिक डॉ. निर्मल चन्द्रा, जमन सिंह बिष्ट, हयात सिंह रावत, पुजारी प्रतिनिधि भगवान भट्ट, हरिमोहन भट्ट, आजीविका केे प्रबन्धक कैलाश भट्ट, अजीत तिवारी, नवीन भट्ट आदि मौजूद थे।

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