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बधाई: शिक्षक डॉ. हेम चंद्र तिवारी की पुस्तक ‘चण्डकौशिकम का समीक्षात्मक अध्ययन’ प्रकाशित — विद्यार्थियों, साहित्य प्रेमियों व शोधार्थियों के लिए होगी सहायक

अल्मोड़ा। राजकीय इंटर कॉलेज बसर में प्रवक्ता हिंदी पद पर कार्यरत डॉ. हेम चंद्र तिवारी की पुस्तक ‘चण्डकौशिकम् का समीक्षात्मक अध्ययन’ का प्रकाशन हो गया है। डॉ. तिवारी की यह पहली पुस्तक है जो अध्ययन पब्लिकेशन दिल्ली से प्रकाशित हुई।
डॉ. हेम चंद्र तिवारी ने उक्त विषय पर शोधकार्य प्रो. हीराबल्लभ कोठ्यारी, संस्कृत विभाग, कुमाऊं विश्वविद्यालय सोबन सिंह जीना परिसर, अल्मोड़ा के निर्देशन में 2011 में पूर्ण किया। बचपन से प्रतिभा के धनी रहे डॉ. तिवारी को 2004 में संस्कृत विषय में स्वर्ण पदक प्राप्त हुआ। इस पुस्तक में संस्कृत नाट्य साहित्य की बारीकियाँ बताई गयी हैं। नाटकीय तत्वों के आधार पर नाटक की समीक्षा व तत्कालीन परिस्थितियों पर प्रकाश डाला गया है। इस पुस्तक के माध्यम से तत्कालीन विशिष्ट सामाजिक स्वरूप को उजागर करने का प्रयास किया गया है। जिस तरह वर्तमान में सत्यादि मूल्य हासिये पर चले गये है, नैतिकता की इतिश्री होने लगी है। अमर्यादित आचरण एवं अन्यायवृत्ति ​बलवती होने लगी है। ऐसे में ​हरिश्चंद्र के सत्य की परीक्षा संबंधी यह नाटक लोगों को उच्च आदर्शों के साथ जीवन—यापन की प्रेरणा देता है। साथ ही यह पुस्तक विद्यार्थियों, साहित्य प्रेमियों व शोधार्थियों के लिए काफी सहायक होगी।
इस पहले डॉ. तिवारी राष्ट्रीय सेमिनार में प्रतिभाग तथा शोध पत्र वाचन भी कर चुके हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों, पारिवारिक जनों व मित्रों को दिया है।

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