शर्मनाक: दो सप्ताह के भीतर मासूम के साथ दुष्कर्म का दूसरा मामला, परिचित ही निकले दुष्कर्म के आरोपी, टुकड़ों में बिखरी मिली लाश

डेस्क। देवभूमि में मासूम ​बच्चियों के साथ दुष्कर्म तथा अपहरण के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे है। दो सप्ताह पहले काशीपुर आईटीआई थाना क्षेत्र में छह साल की मासूम के साथ हुई दरिंदगी का दर्द लोगों के दिल से उतर नहीं पाया था कि एक और मासूम को कुछ दरिंदों ने अपनी हवस का शिकार बना डाला।
ताजा मामला उत्तराखंड के कोटद्वार का है। जहां दिल को दहला देने वाली घटना सामने आयी है। दो नेपाली युवकों ने 10 साल की मासूम से दुष्कर्म कर उसकी हत्या कर दी। बाद में झाड़ियों में लाश को फेंक दिया। पुलिस जब शव के पास पहुंची तो वहां कई टुकड़ों में लाश बिखरी मिली। जिसे देख पुलिस के रोंगटे खड़े हो गये। जानकारी मुताबिक कोटद्वार थाना क्षेत्र के झूलापुल बस्ती निवासी एक 10 वर्षीय बच्ची बीते 5 अगस्त की की देर शाम दुकान में समान खरीदने गयी थी। काफी देर तक घर वापस नहीं लौटने पर परिजनों को​ चिंता सताने लगी। लेकिन घंटो बीत गये पर बच्ची वापस नहीं लौटी तो परिजनों ने दुकान व आस पास पूछताछ की। लेकिन मासूम का कोई सुराग नहीं लगा। 6 अगस्त की सुबह परिजनों ने कोतवाली में सूचना दी। जिसके बाद पुलिस ने तलाश शुरू की। काफी लोगों से पूछताछ के बाद बुधवार की शाम सीसीटीवी खंगालने के बाद पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में एक नेपाली युवक बच्ची को ले जाते हुए दिखा। जिसके बाद पुलिस ने तलाश कर मुखबिर की सूचना पर आरोपी पदम उम्र 28 पुत्र कालू राम को दबोच लिया। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने बच्ची से दुष्कर्म कर उसकी हत्या करने की बात कबूल ली। साथ ही इस जुर्म में सहयोगी रहे दोस्त का नाम भी बता दिया। जिसके बाद पुलिस ने दूसरे आरोपी अशोक उम्र 31 पुत्र सूरत को भी दबोच लिया। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने शराब के नशे में घटना को अंजाम दिया। दोनों की निशानदेही पर जब पुलिस शव के पास पहुंची तो मौके पर बच्ची के शव के कई टुकड़े बिखरे मिले। सुअर व कुत्तें आधा शव खा चुके थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट, अपहरण, हत्या, दुष्कर्म समेत विभि​न्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। कोतवाल मनोज रतूड़ी ने बताया कि आरोपियों को पुलिस जल्द से जल्द सजा देने का प्रयास करेगी। बताया कि दोनों आरोपी बच्ची व उसके परिजनों के परिचित थे। दोनों उसके घर आते जाते रहते थे।
इधर बच्चियों के साथ बढ़ते दुष्कर्म के मामलों को रोकने में नाकामयाब होती पुलिस पर अब महिलाओं व मासूमों की सुरक्षा के सवाल उठने लगे है। देवभूमि में दो सप्ताह के भीतर दुष्कर्म की यह दूसरी घटना है। महिलाओं व बच्चियों की सुरक्षा के लाख दावे करने वालों के मुंह में भी यह करारा तमाचा है। आखिर क्यों यह दावे व वायदे धरातल में नहीं उतर पाते। सुरक्षा की जमीनी हकीकत क्या है वह इन दो घटनाओं ने जाहिर कर दिया है।

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