अल्मोड़ा का ऐसा रेस्त्रां जहां प्रकृति का सुखद अहसास आपको अपनी ओर खींचेगा — हरियाली के बीच स्नेक्स का आनंद लेना हो तो चले आइए यहां, लक्ष्मेश्वर में भावेश डालाकोटी ने अपने रेस्त्रां को दिया है एकदम प्राकृतिक लुक

2,740 Views
photo-uttranews

अल्मोड़ा। भागदौड़ की वर्तमान जिंदगी में दो पल का सुकून एक सपना सा बन गया है। इस दो पल के आराम के बीच यदि प्रकृति के नजदीक का अहसास हो तो क्या कहने, व्यक्ति प्रकृति के करीब पाकर न केवल खुद को तरोताजा महसूस करता है वरन उसे अपनी प्रकृति और धरती के करीब जुड़ा होने का सा अहसास भी होता है।
तमाम स्ट्रेस और तनाव के बीच लोगों को दो पल का सुकून देने का प्रयास किया है लक्ष्मेश्वर के भावेश डालाकोटी उर्फ गोलू भाई ने, उन्होंने अपने घर के पास स्थित रेस्त्रां को एकदम प्राकृतिक रूप दे दिया है। यहां स्नेक्स और नाश्ते के लिए आने वालों को न केवल गुणवत्तापूर्ण नाश्ता उपलब्ध होता है वहीं उसे पूरा प्राकृतिक माहौल देने की पूरी कोशिश भावेश ने की है। गोलू भाई ने रेस्त्रा का मुख्य हिस्सा छत में तैयार किया है जहां रेस्त्रा की कुर्सिया कम और इंडौर और आउटडोट पौंधे अधिक है।

photo-uttra news-अपने आसपास इस हरियाली को देख आपका दिल भी खुश हो जाएगा

रेस्त्रा के हर कोने में फैली हरियाली चाय की चुस्कियां लेने वाले को एक सूकून और आराम का अहसास कराती है। भले ही पहले नजर में आपको यह व्यवस्था सामान्य लगे आप कहेंगे कि कुर्सियों के बीच हरियाली ही तो है लेकिन इस पूरी थीम को रचने में गोलू भाई में एक लंबा वक्त तय किया है। कमरे को बांस की खपच्चियों के साथ जहां ठंडा रखने का प्रयास किया गया है वहीं पूरे कमरे में गमलों और क्रिवेटिविटी के साथ इंडोर और आउटडोर पौधों का प्लांटेशन भी किया गया है। कुछ औषधीय पौंधे भी उसमें हैं। कंडाली यानी सिसौंण का पौंधा भी इस इंडोर बगीचे में लगाया गया है ताकि पूरी हरियाली प्राकृतिक लगे ऐसा महसूस हो कि यह हरियाली प्रकृति ने खुद यहां पिरोई है।

bhavesh dalakoti

गोलू भाई का कहना है कि इस इंडोर बगीचे में फूलवाले पौंधों को भी स्थान दिया गया है इसके अलावा यहां छोटी प्रजाति के फलदार पौंधे लगाने की योजना भी है। हालाकिं बंदर कई बार उत्पात मचाते हैं। ऐसे में सुरक्षा की दृष्टि से वह अपनी कल्पनाशीलता को पूरा मुकाम नहीं दे पा रहे हैं। लेकिन शहर के एक कोने में मौजूद उनके रेस्त्रा को यह नवीनतम प्रयोग काफी सराहना दे रहा है। बहुत कम प्रचार करने के बाद भी आज लोगों में यह प्राकृतिक रेस्त्रा एक पहचान बनाने में कामयाब हुआ है। लोग दूर दूर से वहां आते हैं और प्राकृतिक अहसास के बीच स्नेक्स का आनंद लेते हैं।

photo-uttranews

शाम के समय उनके इस रेस्त्रां में अच्छी खासी भीड़ रहती है। लोग दिन भर की थकान मिटाने और हरियाली के बीच एक कप चाय या नाश्ता लेने वहां पहुंचते हैं। यदि आप भी प्रकृति प्रेमी हैं और प्राकृतिक अहसास के बीच कुछ पल बिताना चाहते हैं तो बेझिझक नगर के लक्ष्मेश्वर तिराहे के पास बने इस रेस्त्रां मे जा सकते हैं। और प्राकृतिक अससास के बीच एक कप चाय आपको न केवल सूकून देगी वरन तरोताजा बनाने में भी सहायक सिद्ध होगी।

photo-uttranews

आप इस मोबाईल नंबर पर रेस्त्रां से संपर्क कर सकते हैं।
भावेश डालाकोटी—
8449647000

error: Content is protected !!
%d bloggers like this: